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लैपटॉप के नीचे और किनारों पर बने वेंट्स अंदर की गर्म हवा को बाहर निकालते हैं. जब आप इसे गद्दे, तकिए या कंबल पर रखते हैं तो ये वेंट्स ढक जाते हैं. नतीजा यह होता है कि मशीन के अंदर की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती और तापमान तेजी से बढ़ने लगता है. लगातार ऐसा होने पर डिवाइस के अंदर मौजूद जरूरी हिस्सों पर असर पड़ता है.
जब लैपटॉप जरूरत से ज्यादा गर्म होता है तो सबसे पहले उसकी स्पीड प्रभावित होती है. सिस्टम धीमा पड़ने लगता है और कई बार अचानक हैंग भी हो जाता है. अगर लंबे समय तक यही स्थिति बनी रहे तो मदरबोर्ड और अन्य अहम पार्ट्स खराब होने लगते हैं. साथ ही, कूलिंग फैन पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है जिससे उसकी उम्र कम हो सकती है.
लैपटॉप की बैटरी ज्यादा गर्मी को सहन नहीं कर पाती. अधिक तापमान की वजह से बैटरी फूल सकती है, खराब हो सकती है और गंभीर स्थिति में फटने का खतरा भी रहता है. अगर डिवाइस पर भारी काम किया जा रहा हो और वह मुलायम सतह पर रखा हो तो आग लगने का जोखिम भी बढ़ जाता है. यही कारण है कि इसे एक बड़ी लापरवाही माना जाता है.
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बिस्तर पर इस्तेमाल करने के दौरान लैपटॉप का फैन आसपास की धूल और कपड़ों के महीन रेशों को अंदर खींच लेता है. धीरे-धीरे ये कण कूलिंग सिस्टम को प्रभावित करते हैं जिससे गर्मी और तेजी से बढ़ने लगती है. समय के साथ यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है. लैपटॉप को हमेशा किसी सख्त और समतल जगह पर रखना चाहिए जैसे टेबल या लैपटॉप स्टैंड. इससे हवा का प्रवाह सही बना रहता है और डिवाइस सुरक्षित रहता है. अगर लंबे समय तक काम करना हो तो कूलिंग पैड का इस्तेमाल करना भी फायदेमंद हो सकता है.