राजस्थान में 2 महीने में डिलीवरी के बाद 18 महिलाओं की मौत, स्वास्थ्य मंत्री ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश
CJI की बेंच ने की सुनवाई
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने मामले की सुनवाई की. सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि जुर्माने की राशि दो सप्ताह के भीतर जमा कराई जाए. सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील अपराजिता सिंह ने कहा कि अदालत के पूर्व आदेश के बावजूद समय रैना ने एसएमए फाउंडेशन या इस बीमारी से पीड़ित लोगों से संपर्क नहीं किया, जबकि वे अपने शो कर रहे हैं.
‘ये कैसे यूथ आइकन’
इस पर पीठ ने टिप्पणी की हमें नहीं पता कि वह किस तरह के यूथ आइकन हैं, यह सोचकर चिंता होती है. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी कहा कि हमारे युवाओं के पास इनसे बेहतर आइकन हैं. कोर्ट ने समय रैना पर पहले 10 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया था. हालांकि उनके वकील की मांग के बाद इसे कम करके 3 लाख रुपये तय किया गया. सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया कि समय रैना और अन्य कॉमेडियनों ने अपने आचरण में सुधार के लिए अब तक क्या कदम उठाए हैं? सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत के सामने समय रैना की हालिया टिप्पणियों और उनके हाल के आचरण का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि इन बयानों पर भी अदालत को ध्यान देना चाहिए.
हवाई सफर होगा आसान: UDAN Scheme के तहत छत्तीसगढ़ के 6 शहरों में बनेंगे एयरस्ट्रिप, बढ़ेगी कनेक्टिविटी
क्योर फाउंडेशन ने क्या दी दलील?
वहीं, क्योर एसएमए फाउंडेशन की ओर से वरिष्ठ वकील अपराजिता सिंह ने कहा कि अदालत के निर्देश के बावजूद समय रैना ने संगठन से संपर्क नहीं किया. उन्होंने बताया कि भले ही कुछ दिव्यांगों के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाने का दावा किया गया हो, लेकिन अदालत के आदेश के अनुसार क्योर एसएमए फाउंडेशन से कोई संपर्क नहीं किया गया. क्योर एसएमए फाउंडेशन की ओर से यह भी कहा गया कि समय रैना की ओर से अब तक वास्तविक और स्पष्ट माफी का अभाव है.