Chhattisgarh : NHM कर्मचारी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, सेवा समाप्ति का आदेश रद्द; जाने क्या है पूरा मामला
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा पहले ही मनरेगा के लिए 30 हजार करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 95,692 करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन घोषित किया गया है। इससे कुल राशि 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगी। केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि यह धनराशि देश की लगभग 2.80 लाख ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगी, जिससे प्रत्येक पंचायत को विकास कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध होंगे। उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे विकास कार्यों की पूर्व स्वीकृति की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करें, ताकि 1 जुलाई से ही रोजगार सृजन और निर्माण कार्यों में तेजी लाई जा सके। बैठक में डिजिटल और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि कई राज्यों ने डीबीटी, ई-केवाईसी, फेस ऑथेंटिकेशन और एसएमएस आधारित सूचना प्रणाली के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय प्रगति की है, जो नई व्यवस्था को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने जानकारी दी कि 26 राज्यों ने “विकसित भारत-ग्रामीण भारत” के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए अपने बजट में आवश्यक वित्तीय प्रावधान कर लिए हैं। वहीं झारखंड, कर्नाटक, तेलंगाना और मिजोरम से जल्द यह प्रक्रिया पूरी करने का आग्रह किया गया है। इसके लिए संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र भेजे जाने की भी जानकारी दी गई। केंद्रीय मंत्री ने राज्यों को शीघ्र राज्य स्तरीय अधिसूचना जारी करने, कृषि के पीक सीजन को अधिसूचित करने, 100 प्रतिशत ई-केवाईसी सुनिश्चित करने तथा जिला एवं ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत और ग्राम सभा के माध्यम से ही विकास कार्यों का चयन किया जाएगा और उन्हीं प्रस्तावों के आधार पर योजनाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।
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सोशल ऑडिट के लिए 1,850.62 करोड़ रुपए का प्रावधान
बैठक के दौरान विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लिए अंतरिम आवंटन की घोषणा की गई। इसके अतिरिक्त केंद्रीय प्रशासन एवं सोशल ऑडिट के लिए 1,850.62 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिससे कुल अंतरिम आवंटन राशि 95,692.31 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि 1 जुलाई तक मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराने और मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आना चाहिए।